शोक और यादें दोनों एक दूसरे से ऐसे अभिन्न हैं जैसे माला में धागा और मोती। एक को दूसरे में … More
Category: Hindi Articles
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस: सफल महिला
सफल और असफल दो विलोम शब्द हैं। इनका अर्थ आप देखें तो एक दूसरे से परे लगेंगे। किंतु ये शब्द … More
खिड़की के पार
रात के १२:३० बज रहे हैं। घर में शांति है। सब सो रहे हैं। इस वक्त किसी के पास और … More
बदलते शहर, बदलती आवाम
जब स्कूल में पढ़ते थे, हमारी सुबह की असेंबली में रोज़ तीन बार गायत्री मंत्र गाते थे, फिर एक अंग्रेज़ी … More
जज़्बा-ए-ख़ुद्दार
जितनी बड़ी इमारत हो, उतनी ही बड़ी उसमें रहने वालों की चिंताएँ होती जाती हैं। समाज में असमानता की खाई … More
तलवार की धार और हम
भारत में ज़िंदगी जीने का अलग तरीक़ा है। इसके अलावा की यहाँ हर व्यक्ति अपने आस पास और समाज से … More
हवाई यात्रा
आज सवेरे जब मैं हवाई अड्डे पर अपने विमान का इंतज़ार कर रही थी तो कुछ रोचक अनुभूतियाँ देखने का … More
नया झूला
कस्तूरी हिरण जैसे अपनी खुशबू में पागल झूमता है, मैं घूमता हूं, मैं घूमता हूं, मैं घूमता हूं। हमारे आवास … More
बहुत दूर कितना दूर होता है: किताब का अनुभव
लेखनी एक बहुत खास कला है। या कहो तो कलाकार होना ही अपने में अद्वितीय है। बहुत लोगों से आप … More
लोकल इंद्रलोक
सड़कों पर धूल का अंबार लगा है। कभी लगता है, धरती पर नहीं, बल्कि सीधे इंद्रलोक में चल रहे हों, … More
मूर्छित शब्द, रंगीन विचार
मेरा घर मेरे ऑफिस से दूर है। इस कारण रोज़ शहर के तमाम इलाकों से गुजरती हूं। इस रास्ते में … More
किस्सा किस्सा लखनौवा: किताब का अनुभव
हर एक शहर में एक आदमी होता है , और हर आदमी में एक शहर। कितनी ही सच है ये … More
रेल यात्रा – 2
दिल्ली देश की राजधानी है। और ये बात आपको शहर के हर मोड़, हर नुक्कड़ पर साध्य होते मिलेगी। यहां … More
रेल यात्रा – 1
“यात्री कृपया ध्यान दें, ट्रेन नंबर 22996, अपने निर्धारित समय में प्लेटफार्म नंबर 1 से रवाना होगी”। आप चाहे हवाई … More
खुद्दारी
दोपहर के २ बज रहे थे। मीना रसोई का चूल्हा करकट करके निपटी ही थी। दोपहर के समय दो घड़ी … More